सोशल मीडिया का मिसयूज रोकने के लिए बदलेंगे नियम

अब केंद्र सरकार ने आईटी एक्ट के तहत जारी किया नया ड्राप्ट सोशल मीडिया के जरिये फेक न्यूज़ और अफ़वाहो को रोकने के लिए केंद्र सरकार आईटी एक्ट की धारा -79 में संसोधन करने की तैयारी कर रही है इस कानून में बदलाव के लिए सरकार की तरफ से ड्राप्ट भी तैयार कर लिया गया है इस ड्राप्ट को आईटी मंत्रालय की वेबसाइट पर भी जारी किया गया है और सरकार ने 15 जनवरी तक इस पर एक्सपर्ट आईटी प्रोफशनल समेत जनता से राय मांगी है
सोशल मीडिया का मिसयूज रोकने के लिए बदलेंगे नियम
सोशल मीडिया का मिसयूज रोकने के लिए बदलेंगे नियम 


अश्लील कंटेंट नहीं होगा पोस्ट 


आईटी मिनस्ट्री के इस ड्राप्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर किसी कानून का उलंघन करने वाले उत्पीड़न करने वाले देश की एकता अखंडता को नुकसान पहुंचने वाले आपत्तिजनक या अश्लील कंटेंट को पोस्ट नहीं किया जायेगा 

रजिस्ट्रेशन हुआ अनिवार्य 


इस ड्राप्ट में कहा गया है की ऐसा सभी कंपनी जिसके पास 50 लाख से ज्यादा यूजर है उसे कम्पनीज एक्ट के तहत भारत में रजिस्ट्रेशन करना होगा एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी अभी तक भारत में ऐसा कोई कानून नहीं है जिससे सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही तय हो सके लेकिन इस ड्राप्ट के बनते ही कम्पनियो की जवाबदेही भी तय हो जायगी इसलिए सरकार आईटी एक्ट की धारा -79 के तहत इंटरमीडियरीज के लिए नियमो में बदलाव करना चाहती है

इसके मुताबिक फेसबुक ,टवीटर , गूगल ,याहू वॉट्सएप्प जैसी कंपनियों को उनके प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किये कंटेंट को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी है नए ड्राप्ट में कंपनियों को एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी ड्राप्ट में ये भी कहा गया है की कंपनियों को मैसेज का इन्क्रिप्शन सरकार को देना होगा।


  • अभी सरकार ने सिर्फ ड्राप्ट पेश किया है 15 जनवरी तक राय मिलने के बाद ही कोई फैसला लिया जायेगा। 
  • हालंकि इन नियमो को बदलने के लिए संसद की अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
  • इसमें सिर्फ आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद की अनुमति के बाद ही नए नियम तय हो जायंगे  


72 घंटो के अंदर बताना होगा सोर्स 



  • अगर सोशल मीडिया पर कोई भी ऐसा लॉ इन्फोर्स्मेंट कंपनियों से इस कंटेंट को हटाने के लिए कह सकती है। 
  • इसके बाद 72 घंटे के अंदर कंपनियों को कंटेंट का सोर्स बताना जरुरी होगा। 
  • हालाँकि देश की सुरक्षा ,साइबर सिक्योरिटी और किसी अपराध की जाँच के मामले में होगा 
  • ऐसे कंटेंट के बारे में 24 घंटे में जानकारी देनी होगी जिससे किसी की मानहानि होती हो 
  • कोर्ट अवमानना कानून -व्यवस्था मित्र देशो से संबंध बिगड़ने की आशंका पर भी सुचना जरुरी 
मै आशा करता हु की सोशल मीडिया का मिसयूज रोकने के लिए बदलेंगे नियम आपको जरूर समझ आया होगा इस पोस्ट अपने मित्रो और रिलेशन में शेयर करे ताकि और लोगो को भी इसके बारे में पता चल सके और सोशल मीडिया का मिस यूज़ ना कर सके धन्यवाद। 
Previous
Next Post »