अब आपके कंप्यूटर पर भी रहेगी सरकार की नजर

अब केंद्र सरकार ने 10 प्रमुख सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को किसी भी व्यक्ति या संस्था के कम्प्यूटर्स में मौजूद डेटा की जांच करने का अधिकार दे दिया है देश की सुरक्षा के लिए इसे महत्वपूर्ण बतया गया है हालांकि निगरानी संबंधी आदेशो पर सरकार और विपक्ष आमने - सामने आ गए है वित्तमंत्री अरुण जेटली ने इसको पुराना कानून बतया है तो वही विपक्ष ने इसे निजता पर हमला बतया है

अब आपके कंप्यूटर पर भी रहेगी सरकार की नजर
अब आपके कंप्यूटर पर भी रहेगी सरकार की नजर 


7 साल तक सजा का प्रावधान


गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के बाद प्रमुख एजंसियां किसी भी व्यक्ति के कम्प्यूटर से जेनरेट ट्रांसमिट या रिसीव हुए और उसमें स्टोर किये गए किसी भी दस्तवेज को देख सकेंगी यह अधिकार आईटी एक्ट की धारा-69 के तहत दिया गया है सभी सब्सक्राइबर सर्विस प्रोवाइडर या कम्प्यूटर रिसोर्स से जुड़े व्यक्तियो को जरूरत पड़ने पर जांच एजेन्सियों का सहयोग करना पड़ेगा ऐसा नही करने पर 7 साल की सजा और जुर्माना लग सकता है इस फैसले को लेकर विपक्ष ने सावल खड़े किए है


  • सीबीआई रॉ समेत 10 एजेंसियों को मिला निगरानी का अधिकार केंद्र ने जारी की अधसूचना 
  • किसी भी कंप्यूटर के डाटा की निगरानी 10 एजेंसियां कर सकेंगी 
  • इसमे आईबी , नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, ईडी सीबीडीटी , DRI, सीबीआई , एनआईए, रॉ, डायरेक्टोरेट ऑफ़ सिग्नल इंटेलीजेंस, दिल्ली पुलिस कमिशनर सामिल है 
  • इन एजेंसियों को आतंकवाद, घरेलू हिंसा और दंगो की आशंकाओं जैसे मुददो पर जाँच का अधिकार दिया गया है 
  • सरकार ने दिए अपने आदेश सोशल मीडिया कंपनियों को दिए संकेत ,खुद से कार्यवाई नही करने पर आईटी एक्ट के तहत होगी सजा 
तो आपकी राय क्या है इस टॉपिक पर हमें जरूर बातये कॉमेंट के माध्यम और इस पोस्ट को share जरूर करे ताकि और लोगो को पता चले इस कानून के बारे में और लोग साइबर क्राइम से बच सके धयनयवाद ।



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